शिक्षक उद्धरण
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    चाणक्य (कौटिल्य)

    प्राचीन भारत के सबसे महान राजनीतिक शिक्षक

    India 375 BCE – 283 BCE

    जीवनी

    चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य या विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है, प्राचीन भारत के शिक्षक, दार्शनिक, अर्थशास्त्री और राजकीय सलाहकार थे। उन्होंने प्राचीन तक्षशिला विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में कार्य किया और बाद में सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के मुख्य सलाहकार बने। राजनीति और अर्थशास्त्र पर उनका ग्रंथ "अर्थशास्त्र" राजनीति विज्ञान की सबसे महान रचनाओं में से एक माना जाता है।

    प्रसिद्ध

    अर्थशास्त्रचंद्रगुप्त मौर्य के गुरुतक्षशिला विश्वविद्यालयचाणक्य नीतिभारत में राजनीति विज्ञान के जनक

    शिक्षण दर्शन

    चाणक्य व्यावहारिक, परिणाम-उन्मुख शिक्षा में विश्वास करते थे। उन्होंने सिखाया कि ज्ञान का उपयोग वास्तविक प्रभाव बनाने के लिए किया जाना चाहिए।

    चाणक्य (कौटिल्य) के उद्धरण

    "एक शिक्षक कभी साधारण नहीं होता। शिक्षक को शिक्षा और ज्ञान से परिपूर्ण होना चाहिए।"
    चाणक्य (कौटिल्य)
    "शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है। एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मानित होता है।"
    चाणक्य (कौटिल्य)
    "दुनिया की सबसे बड़ी ताकत युवा और सौंदर्य है, लेकिन सबसे बड़ी शक्ति ज्ञान है।"
    चाणक्य (कौटिल्य)
    "एक बार जब आप किसी काम पर लग जाएं, तो असफलता से मत डरिए और उसे मत छोड़िए।"
    चाणक्य (कौटिल्य)