सभी शिक्षक
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अरस्तू
पश्चिमी दर्शन के जनक
Greece 384 BCE – 322 BCE
जीवनी
अरस्तू (384-322 ईसा पूर्व) एक प्राचीन यूनानी दार्शनिक थे जिन्होंने लाइसियम की स्थापना की, जो सबसे पुराने ज्ञात स्कूलों में से एक है। प्लेटो के छात्र और सिकंदर महान के शिक्षक, अरस्तू का पश्चिमी विचार पर प्रभाव अपरिमेय है। उन्होंने ज्ञान के लगभग हर क्षेत्र में योगदान दिया — तर्कशास्त्र, तत्वमीमांसा, नैतिकता, राजनीति, जीव विज्ञान और सौंदर्यशास्त्र।
प्रसिद्ध
लाइसियम की स्थापनासिकंदर महान के शिक्षकतर्कशास्त्र के जनकपेरीपेटेटिक स्कूलनिकोमेकियन एथिक्स
शिक्षण दर्शन
अरस्तू ने पेरीपेटेटिक पद्धति का अभ्यास किया — पढ़ाते समय चलना, यह मानते हुए कि शारीरिक गति बौद्धिक विमर्श को बढ़ाती है।
अरस्तू के उद्धरण
"जो बच्चों को अच्छी शिक्षा देते हैं, वे उन्हें जन्म देने वालों से अधिक सम्मान के पात्र हैं।"
— अरस्तू
"शिक्षा की जड़ें कड़वी हैं, लेकिन फल मीठा है।"
— अरस्तू
"हृदय को शिक्षित किए बिना मन को शिक्षित करना कोई शिक्षा नहीं है।"
— अरस्तू
"गहन ज्ञान का एकमात्र विशिष्ट संकेत शिक्षण की शक्ति है।"
— अरस्तू